December 12, 2018

Getting Business and sale solution by Astrology

धन प्राप्ति में बाधा, रुपया-पैसा, धन एकत्रित नहीं होता, आमदनी से अधिक खर्च, अनेकों प्रयास करने पर भी व्यापार में तरक्की नही हो रही, व्यापार में धन की कमी, धन प्राप्ति में रुकावट, दुकान में विक्रय नही होना, धनलाभ में परेशानी, व्यापार में साझेदारी में परेशानियाँ आना, व्यापार में साझेदार से नुकसान यदि हो रहा है तो व्यक्ति को अपनी जन्मपत्री का परीक्षण अवश्य करवाना चाहिए | व्यक्ति की कुंडली में महादशा स्वामी, अंतर दशा, प्रत्यंतर दशा किस ग्रह की चल रही है, महादशा स्वामी और अंतर स्वामी का आपस में संबंध (मित्र/शत्रु), कुंडली में अष्टम भाव, द्वादश भाव अथवा उनके ग्रहस्वामी की स्थिति, कुंडली में द्वितीय और एकादश भाव और उनके स्वामी तथा उन भावों में उपस्थित ग्रहों और सम्बंधित भावों पर अशुभ ग्रहों का प्रभाव की पूरी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और कुंडली में उपस्थित अशुभ प्रभाव, दोष का निवारण करवाने से अवश्य लाभ मिलता है |

व्यक्ति को अपनी जन्म पत्रिका / कुंडली के अवलोकन के साथ-साथ अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान और अपने आवास (भवन/घर) का भी योग्य वास्तु विद से अवलोकन करवाकर परामर्श लेना चाहिए | व्यक्ति को अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान और अपने आवास (भवन/घर) में उत्तर दिशा, उत्तर पश्चिम दिशा, पश्चिम दिशा, दक्षिण दिशा का सूक्ष्म तकनीक (बारीकी) से अध्धयन करे तथा उपस्थित समस्त दोषों का उपाय करे | व्यक्ति को अपनी कुंडली एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान और अपने आवास (भवन/घर) में उपस्थित सभी प्रकार के दोषों की शांति करवानी चाहिए, उपाय करवाने से सभी प्रकार की बाधाएं दूर होंगी और अपेक्षित लाभ अवश्य मिलेगा |

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